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| India matters! Not a party. |
बहस करने में कोई बुराई नहीं, पर एक जरूरी चीज़! देश के बारे में बात करने का मतलब सिर्फ़ किसी पार्टी या नेता का समर्थन या विरोध नहीं है. मैंने देखा है कि जब भी ऐसी कोई बहस शुरु होती है तो लोग दो खेमों में बँट कर झगड़ना शुरु कर देते हैं. एक के लिए बीजेपी ही सबकुछ और दूसरे के लिए कांग्रेस महान. इनलोगों से पूछो कि क्या इनके दूसरे तरफ़ वाली पार्टी ने कुछ किया है या नहीं तो ये ऐसे बर्ताव करते हैं कि जैसे कुछ पूछा ही न गया हो. इसी बारे में बात की थी मैंने, अब समझ आ गया ना? यही टाइमपास है. कभी-कभी ये सब सुन-सुनके मन में कुंठा के भाव आने लगते हैं. भारत में और भी चीज़ें है. आपके हमारे आस-पास ही. जिनपर हमारा ध्यान नहीं जाता. शायद जाने नहीं दिया जाता. यही भाजपा-कांग्रेस के शोर मचाकर बाकी सबकुछ भुला दिया जाता है. असली भारत के सारोकार कहीं खो जाते हैं.
कभी ये सोचा है कि क्यों हमारा देश दुनिया के उन देशों की लिस्ट में आता है जहाँ सबसे ज्यादा टीबी के मरीज़ है और हर साल सैंकड़ों-हजारों लोग इस बीमारी से मारे जाते हैं? क्या इस बात का हल ढ़ूढ़ने पर किसी ने पाँच मिनट भी सोचा है कि आजादी के इतने सालों बाद भी गाँवों में बच्चे उल्टी-दस्त से क्यों मर जाते हैं? शर्म की बात नहीं है ये हमारे लिए? आजादी के इतने सालों बाद इस देश के एक नामचीन शख्स डेंगू की बीमारी से मर जाते हैं और हम बस अपने सुनहरे अतीत को याद कर-करके दुनिया के सुपर पॉवर बनने और होने का दंभ पाले बैठे रहते हैं. मिसाल और भी हैं, गिनाने बैठूँ तो पूरी रात गिनाते रहूँ. पर कोई सच्ची बात कह दे तो लोग उसे नकारात्मक विचारों वाला या मोदी-विरोधी या कुछ और कहकर खारिज़ कर देते हैं.
असल में हमारे पास इन सब चीजों के लिए वक्त ही नहीं है. इन सवालों को हल करने का समय नहीं है. क्योंकि हमारे लिए ये जरूरी सवाल नहीं है. हमारे लिए जरूरी सवाल है कि सलमान कब और किससे शादी कर रहें हैं. हमारे लिए जरूरी यह है कि बिग बॉस के घर में किसका किसके साथ अफेयर चल रहा है. हम आम लोग इसमें व्यस्त हैं इसीलिए नेताओं को भी समय मिलेगा ही. देश के हालात बदलने के बजाए वो लोग शहरों के नाम, पुरानी इमारतों के नाम बदलनें में व्यस्त रहेंगे. और हम झूठे बदलाव का झुनझुना लेकर भारत माता की जय करते रहेंगे. देश खुमारी में है.
अगर हमलोग ही होश में न रहें तो उनसे सवाल कैसे करेंगे? अब हम नहीं संभले तो फिर हमारा भारत सिर्फ़ इतिहास के पन्नों में ही महान रह जाएगा. भारत माता की जय बोलें या जय हिंद, हमें यह समझना होगा कि भारत का झंडा बदलने से देश में तरक्की नहीं आएगी. जमीनी हालत नहीं बदली, तो देश में बुलंदी का परचम नहीं लहराएगा.
